सीरियासंस्कृति · आस्था · इतिहास
दमिश्क में जूपिटर का मंदिर

दमिश्क में जूपिटर का मंदिर · फ़ोटो: Ai@ce · CC BY 2.0 · Wikimedia Commons · दर्ज किया गया 2008

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पुरातात्विक स्थलविश्व धरोहर स्थल का हिस्सा: दमिश्क का प्राचीन नगर2013 से संकटग्रस्त विश्व धरोहरसमीक्षित

जुपीटर मंदिर, दमिश्क

स्थानीय नाम: معبد جوبيتر الدمشقي

اسم المكان

معبد جوبيتر الدمشقي

محافظة دمشق – سوريا

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33.51160, 36.30380

निर्देशांक एटलस में दर्ज स्थल के हैं; प्रवेश द्वार कहीं और हो सकता है। जाने से पहले स्थानीय रूप से पुष्टि करें।

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दमिश्क का जूपिटर मंदिर आज के पुराने शहर के उत्तर में स्थित जूपिटर का रोमन देवस्थान था, जो हदद और ज़्यूस के पूर्ववर्ती देवस्थानों से विकसित हुआ। उत्तर-प्राचीन काल में यह यूहन्ना बपतिस्मादाता का गिरजाघर बना, और 8वीं शताब्दी में इसके भीतरी घेरे में उमय्यद मस्जिद बनाई गई। प्रवेशद्वारों, स्तंभ-पथों और दीवारों के अवशेष पुराने शहर में बचे हैं।

इतिहास

लौह युग में दमिश्क अरामी राज्य अराम-दमिश्क की राजधानी था, जिसके लोग तूफ़ान-देवता हदद-रम्मान की पूजा करते थे। अंग्रेज़ी और अरबी विकिपीडिया के अनुसार उनका मंदिर वर्तमान उमय्यद मस्जिद के स्थान पर था; जर्मन विकिपीडिया इसके स्वरूप और स्थान दोनों को अज्ञात मानता है। एक पत्थर बचा है: मस्जिद में पुनःप्रयुक्त मिस्री शैली के स्फ़िंक्स वाला एक खंड (जर्मन विकिपीडिया), या राजा हज़ाएल के शासनकाल का एक पत्थर जो अब दमिश्क के राष्ट्रीय संग्रहालय में है (अंग्रेज़ी और अरबी विकिपीडिया)। सेल्यूसी काल में हदद को ज़्यूस से अभिन्न माना गया; अंग्रेज़ी विकिपीडिया कहता है कि अंतियोकस चतुर्थ के अधीन देवस्थान को ज़्यूस के मंदिर के रूप में फिर से विकसित किया गया।

64 ईसा पूर्व की रोमन विजय के बाद उपासना जूपिटर को हस्तांतरित हुई। ऑगस्टस का एक निर्माण-अभिलेख विस्तार के आरंभ को दिनांकित करता है; भीतरी प्रांगण (टेमेनोस) 14 ईस्वी के कुछ समय बाद और बाहरी प्रांगण (पेरिबोलोस) पहली शताब्दी के मध्य तक पूर्ण हुआ। सेप्टिमियस सेवेरस (193–211) के अधीन मंदिर का नवीनीकरण हुआ। विद्वान मामून अब्दुलकरीम अभिकल्प का श्रेय दमिश्क में जन्मे वास्तुकार अपोलोडोरस को देते हैं। एक अभिलेख सम्राट जूलियन (361–363) की यात्रा का साक्षी है।

मूर्तिपूजकों के उत्पीड़न के दौरान थियोडोसियस प्रथम ने मंदिर को यूहन्ना बपतिस्मादाता के गिरजाघर में बदल दिया; जर्मन विकिपीडिया विध्वंस और भागों के परिवर्तन की बात करता है। मुस्लिम विजय (जर्मन विकिपीडिया: 634; अंग्रेज़ी और अरबी: 635) के बाद गिरजाघर कुछ समय तक उपयोग में रहा; ख़लीफ़ा अल-वलीद प्रथम ने 706 में उमय्यद मस्जिद का आदेश दिया, जो पुराने टेमेनोस के दक्षिणी भाग में बनाई गई।[1][2][3]

वास्तुकला

परिसर दो दीवारबंद घेरों से बना था: एक बाहरी पेरिबोलोस, जिसमें एक बाज़ार भी था, और भीतरी टेमेनोस, जिसके केंद्र में गर्भगृह (सेला) और उपास्य प्रतिमा थी। सामी परंपरा के अनुष्ठानों के लिए टेमेनोस के चारों कोनों पर मीनारें थीं। मुख्य प्रवेशद्वार पूर्व में था, जिस तक अगोरा से एक स्तंभयुक्त मार्ग पहुँचता था। जर्मन विकिपीडिया पेरिबोलोस के लिए 380 × 310 मीटर और भीतरी प्रांगण के लिए 56 × 97 मीटर बताता है; वुल्त्सिंगर और वात्सिंगर ने 1921 में पेरिबोलोस को लगभग 350 × 450 मीटर मापा। चौथी शताब्दी तक यह रोमन सीरिया का सबसे बड़ा मंदिर था।[1][2][3]

अनुसंधान

रिचर्ड पोकॉक ने 1745 में परिसर की एक योजना प्रकाशित की, और जोसियस पोर्टर ने 1855 में एक योजना, जिसमें घरों के बीच बचे 40 स्तंभ या स्तंभ-खंड दिखाए गए। अरबी विकिपीडिया के अनुसार 2006 से मस्जिद के दक्षिणी द्वार के सामने मंदिर के अवशेष उजागर किए गए हैं। यूनेस्को जूपिटर मंदिर के व्यापक अवशेषों को विश्व धरोहर संपत्ति "दमिश्क का प्राचीन शहर" में दिखाई देने वाले सबसे पुराने रोमन साक्ष्यों में गिनाता है।[1][3][4]

समयरेखा

  1. 64 ईसा पूर्व

    रोमन विजय; उपासना जूपिटर को हस्तांतरित।[1][2][3]

  2. लगभग 14 ईस्वी

    ऑगस्टस के शासनकाल की समाप्ति के कुछ समय बाद टेमेनोस पूर्ण।[1][3]

  3. 193–211

    सेप्टिमियस सेवेरस के अधीन नवीनीकरण।[1][2][3]

  4. 706

    अल-वलीद प्रथम ने उमय्यद मस्जिद के निर्माण का आदेश दिया।[2]

  5. 1745

    रिचर्ड पोकॉक द्वारा परिसर की योजना प्रकाशित।[1][3]

  6. 1921

    वुल्त्सिंगर और वात्सिंगर द्वारा योजना (पेरिबोलोस लगभग 350 × 450 मीटर)।[1][3]

  7. 2006 से

    मस्जिद के दक्षिणी द्वार के सामने मंदिर के अवशेष उजागर (अरबी विकिपीडिया के अनुसार)।[3]

प्रलेखित स्थिति

वर्तमान स्थिति प्रलेखित नहीं · 2026 तक

टेमेनोस की दीवारों के कुछ भाग अब मस्जिद की बाहरी दीवारें हैं। बाहरी घेरे के तीन प्रवेशद्वारों के अवशेष बचे हैं, जिनमें सूक़ अल-हमीदिया और मस्जिद के बीच का पश्चिमी द्वार है, जिसके साथ एक स्तंभ-पथ के भली-भाँति संरक्षित भाग हैं; पूर्व की ओर यह धुरी अल-क़ैमरिया मोहल्ले में आगे बढ़ती है। अन्य टुकड़े आसपास के घरों, दुकानों और ख़ानों में बिखरे हैं। कोई दिनांकित स्थिति-रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।[1][2][3]

भ्रमण

कोई सत्यापित भ्रमण जानकारी नहीं। एटलस में शामिल होने का अर्थ यह नहीं है कि स्थल खुला है या वहाँ जाना सुरक्षित है।

यहाँ पहुँचना और ठहरना

दमिश्क़ प्रान्त में प्रलेखित सवारी, ठहराव और परिवहन सेवाएँ:

दमिश्क़ प्रान्त के लिए सभी यात्रा सेवाएँ

आसपास की चिकित्सा सेवाएँ

इस स्थल से सीधी दूरी। डेटा: OpenStreetMap, 2026-10-30 तक। संचालन स्थिति सत्यापित नहीं – जाने से पहले फ़ोन करें।

स्रोत (11)
  1. Wikipedia (en): Temple of Jupiter, Damascus rev. 1364720939 · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
  2. Wikipedia (de): Jupitertempel in Damaskus rev. 270496236 · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
  3. Wikipedia (ar): معبد جوبيتر الدمشقي rev. 71908625 · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
  4. UNESCO World Heritage Centre: Ancient City of Damascus · 2026-10-30
  5. Wikidata · CC0 · 2026-10-30
  6. Wikipedia (es) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
  7. Wikipedia (hi) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
  8. Wikipedia (it) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
  9. Wikipedia (pt) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
  10. Wikipedia (ur) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
  11. OpenStreetMap · ODbL · 2026-10-30
समीक्षित · अंतिम जाँच: 2026-10-30. उद्धृत स्रोतों के आधार पर हर फ़ील्ड की समीक्षा की गई (AI-सहायता प्राप्त संपादन)। विशेषज्ञ अनुमोदन लंबित है।
Widersprüche: (1) Aramäischer Tempel – en/ar am Ort der Moschee, de Lage unbekannt. (2) Erhaltener Stein – en/ar: Stein aus der Zeit Hasaels im Nationalmuseum Damaskus; de: Sphinx-Block in der Moschee wiederverwendet; ob identisch, unklar. (3) Maße – de Peribolos 380 × 310 m, Innenhof 56 × 97 m; en/ar nach Wulzinger/Watzinger 1921 ca. 350 × 450 m. (4) Eroberung – de 634, en/ar 635. (5) Theodosius I. – en Umwandlung, de Abriss und Umbau von Teilen. (6) Bauzeit – en/ar 'bis Constantius II.', ohne Belegdetail, nicht übernommen. (7) Apollodor – en als Zuschreibung durch Abdulkarim, ar als Tatsache; als Zuschreibung wiedergegeben. Angaben zu Kosten/Arbeitern des Moscheebaus (de, nach Ibn al-Faqih) betreffen die Moschee und wurden nicht übernommen. Umwandlung unter Theodosius I. ohne Jahresangabe im Paket, daher nicht in der Timeline. Q183562 aus bestehendem Redaktionsdatensatz; Q3678596 nach Wikidata P361.

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