
असद जलाशय पर अंतिम छोर का विद्युत केंद्र · फ़ोटो: Herbert Frank from Wien (Vienna), AT · CC BY 2.0 · Wikimedia Commons · दर्ज किया गया 2006
फ़ुरात बाँध (तबक़ा बाँध)
स्थानीय नाम: سد الطبقة
फ़रात बाँध, जिसे आमतौर पर तबक़ा बाँध के नाम से जाना जाता है, रक़्क़ा प्रांत में फ़रात नदी पर बना एक मिट्टी-भराव बाँध है और सीरिया का सबसे बड़ा बाँध है; यह देश के सबसे बड़े जलाशय को रोकता है। 1968 से सोवियत सहायता से निर्मित यह बाँध विद्युत उत्पादन और सिंचाई के काम आता है। इस सुविधा को एटलस में अवसंरचना के रूप में शामिल किया गया है; इसका शामिल होना सार्वजनिक या पर्यटक पहुँच के बारे में कुछ नहीं कहता।
तथ्य
बाँध अल-सौरा (तबक़ा) शहर के ठीक उत्तर में, रक़्क़ा से लगभग 40 किलोमीटर ऊपर की ओर (अन्य स्रोत: 35 या 50 किलोमीटर) स्थित है। यह 4.5 किलोमीटर लंबा, नदी-तल से 60 मीटर ऊँचा, आधार पर 512 मीटर और शिखर पर 19 मीटर चौड़ा है। दो द्वारों वाला 250 मीटर का उत्प्लव-मार्ग (स्पिलवे) बाढ़-निकासी का काम करता है। दक्षिणी छोर पर स्थित जलविद्युत केंद्र में प्रत्येक 103 मेगावाट तक की आठ कपलान टर्बाइनें हैं; जर्मन विकिपीडिया स्थापित क्षमता 824 मेगावाट बताता है।
जलाशय – फ़रात झील, जिसे जर्मन विकिपीडिया असद झील कहता है – लगभग 80 किलोमीटर लंबा और औसतन 8 किलोमीटर चौड़ा है। इसकी संभावित क्षमता 11.7 घन किलोमीटर बताई गई है; वास्तविक क्षमता 9.6 घन किलोमीटर और सतह 447 वर्ग किलोमीटर बताई गई है।[1][2][3]
इतिहास
फ़रात पर बाँध का प्रस्ताव पहली बार 1927 में फ़्रांसीसी मैंडेट के अधीन रखा गया। सोवियत संघ (1957), एक ऋण के लिए पश्चिम जर्मनी (1960) और फिर सोवियत संघ (1965) के साथ समझौतों के बाद 1968 में निर्माण आरंभ हुआ। यह 1973 तक (जर्मन विकिपीडिया: 1974) चला; विद्युत केंद्र 8 मार्च 1978 को पूर्ण हुआ। लागत 34 करोड़ अमेरिकी डॉलर थी, जिसमें से 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर सोवियत ऋण था; परियोजना पर 12,000 तक सीरियाई और 900 सोवियत तकनीशियनों ने काम किया। अंग्रेज़ी विकिपीडिया के अनुसार सीमाओं के साथ एक "अरब पट्टी" की आंशिक रूप से लागू योजना के अंतर्गत जलमग्न घाटी के लगभग 4,000 अरब परिवारों का पुनर्वास किया गया।
1974 से जलाशय भरने के कारण, जब तुर्की भी सूखे के दौरान केबन बाँध भर रहा था, इराक़ के साथ विवाद हुआ; दोनों देशों ने सीमा पर सैनिक भेजे। 1975 में सऊदी और सोवियत मध्यस्थता से एक समझौता हुआ।
11 फ़रवरी 2013 को विपक्षी बलों ने बाँध पर क़ब्ज़ा किया (जर्मन विकिपीडिया: नुसरा फ्रंट से जुड़े विद्रोही), और 2014 में इस्लामिक स्टेट ने। 26 मार्च 2017 को एसडीएफ़–अमेरिकी अभियान के दौरान अमेरिकी बम सुविधा पर गिरे; महत्वपूर्ण उपकरण विफल हो गए और बाँध ने काम करना बंद कर दिया। एक आपातकालीन युद्धविराम के बाद मरम्मत की गई और 29 मार्च तथा 5 अप्रैल को जलद्वार खोले गए; बाढ़ से लगभग 3,000 लोग विस्थापित हुए। एसडीएफ़ ने 10 मई 2017 को बाँध पर अधिकार किया। जनवरी 2026 में सरकारी बलों ने नियंत्रण ले लिया (अरबी: 17 जनवरी की शाम; अंग्रेज़ी, SANA के हवाले से: 18 जनवरी)।[1][2][3]
महत्व
नियोजन के लक्ष्य केवल आंशिक रूप से पूरे हुए: सिंचाई के लिए अभिप्रेत 6,40,000 हेक्टेयर में से 2000 में लगभग 1,24,000 हेक्टेयर (19%) की सिंचाई हुई, जिसका आंशिक कारण जिप्सम-समृद्ध, लवणीय होती मिट्टी और ढही हुई नहरें थीं। तुर्की से कम अंतर्वाह और रखरखाव की कमी के कारण अंग्रेज़ी विकिपीडिया बताता है कि संयंत्र 800 मेगावाट के स्थान पर केवल 150 मेगावाट उत्पन्न करता है। झील अलेप्पो के पेयजल का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है और मत्स्य-पालन को सहारा देती है; इसके तट प्रवासी पक्षियों के शीतकालीन आवास हैं, और जज़ीरत अल-सौरा द्वीप एक प्राकृतिक अभयारण्य है।
जलमग्न होने से पहले 1963 से स्थलों का सर्वेक्षण किया गया, और 1971 से यूनेस्को द्वारा समर्थित एक अंतरराष्ट्रीय बचाव कार्यक्रम ने उनमें से 25 से अधिक की खुदाई की, जिनमें मुरैबत, एमार और अबू हुरैरा शामिल हैं; मुरैबत और मस्कने की मीनारों को स्थानांतरित किया गया और क़लअत जाबर के क़िले की रक्षा की गई।[1][2][3]
समयरेखा
- 1927
फ़्रांसीसी मैंडेट के अधीन फ़रात बाँध का पहला प्रस्ताव।[1][3]
- 1968–1973
सोवियत सहायता से बाँध का निर्माण (जर्मन विकिपीडिया के अनुसार मार्च 1968 से 1974 तक)।[1][2][3]
- 1974–1975
जलाशय का भराव; जल-प्रवाह को लेकर इराक़ के साथ विवाद, 1975 में सऊदी और सोवियत मध्यस्थता से सुलझा।[1][2][3]
- 8 मार्च 1978
- 11 फ़रवरी 2013
- 2014
- मार्च–मई 2017
26 मार्च के अमेरिकी हवाई हमले से बाँध ठप; आपातकालीन मरम्मत और जलद्वार खोले गए; 10 मई को एसडीएफ़ ने नियंत्रण लिया।[1][2][3]
- जनवरी 2026
सरकारी बलों ने नियंत्रण लिया (स्रोत के अनुसार 17 या 18 जनवरी)।[1][3]
चित्र दीर्घा
प्रलेखित स्थिति
वर्तमान स्थिति प्रलेखित नहीं · 2026 तक
भ्रमण
यहाँ पहुँचना और ठहरना
अर-रक़्क़ाह प्रान्त में प्रलेखित सवारी, ठहराव और परिवहन सेवाएँ:
आसपास की चिकित्सा सेवाएँ
इस स्थल से सीधी दूरी। डेटा: OpenStreetMap, 2026-10-30 तक। संचालन स्थिति सत्यापित नहीं – जाने से पहले फ़ोन करें।
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- البكورक्लिनिक / स्वास्थ्य केंद्र · 5.1 kmदिशा-निर्देश
- अल-तबक़ा राष्ट्रीय अस्पतालअस्पताल · 5.2 kmदिशा-निर्देश
- अस्पतालअस्पताल · 5.2 kmदिशा-निर्देश
स्रोत (17)
- Wikipedia (en): Euphrates Dam rev. 1362067391 · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (de): Tabqa-Talsperre rev. 267020847 · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (ar): سد الفرات rev. 76356574 · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikidata · CC0 · 2026-10-30
- Wikipedia (es) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (fa) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (fr) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (id) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (it) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (ko) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (nl) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (pl) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (pt) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (ru) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (sv) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (tr) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (zh) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
Widersprüche: (1) Bauzeit – en/ar 1968–1973 (ar: Projekt nach Flussumleitung 1974 abgeschlossen), de März 1968 bis 1974, aufgestaut ab 1973; de nennt zudem eine Einweihung durch Hafiz al-Assad 1993 – nicht übernommen, da isoliert und unplausibel gegenüber Kraftwerksfertigstellung 1978, fachlich prüfen. (2) Entfernung zu ar-Raqqa: de 35 km, en 40 km, ar 50 km. (3) Leistung: geplant 880 MW (en/ar), 8 × 103 MW, installiert 824 MW (de); tatsächliche Erzeugung 150 statt 800 MW (en/ar, ohne Bezugsjahr). (4) Seefläche: 447 km² tatsächlich (en), 610 km² bei Vollstau (en/ar), de nennt 610–817 km² je nach Quelle; Volumen 11,7 km³ (en), 11 km³ bzw. ca. 12 Mrd. m³ (de), über 11,6 Mrd. m³ (ar). (5) Februar 2013: en/ar „Opposition“ (nach SOHR), de „Rebellen um die Al-Nusra-Front“. (6) Januar 2026: en (nach SANA) 18. Januar, ar Abend des 17. Januar. (7) ar schreibt beim Abkommen von 1987 „16 km³ täglich“ (offensichtlich Fehler; en: pro Jahr) – Abkommen 1987 nicht in den Text übernommen. (8) Seename: Euphratsee (en/ar) bzw. Assadsee/بحيرة الأسد (de/ar). Bewertung „unvollständig erreichte Ziele“ folgt en/ar. Nicht übernommen: Museumspräsentation in Aleppo (aktueller Stand unklar), Grab des Sulaiman Schah (de; betrifft eigenes Objekt). Wikidata-Koordinaten im Paket vorhanden (35.8722, 38.5667), Inception 1968. Keine relations gesetzt: P131 = Q283368 steht im Paket ohne Label; Euphratsee, Mansoura- und Tischrin-Talsperre ohne QID im Paket – bei Bedarf ergänzen. altNames nur aus den Quellen (en: al-Thawra Dam, Kurdisch Bendava Firatê; de: ath-Thaura-Damm, Sadd al-Furat, Euphrat-Staudamm).