
फ़ोटो: ISS Expedition 24 crew · Public domain · Wikimedia Commons · दर्ज किया गया 2010
अस-सफ़ा
स्थानीय नाम: تلول الصفا
अल-सफ़ा (अरबी में तुलूल अल-सफ़ा, "अल-सफ़ा की पहाड़ियाँ") दक्षिणी सीरिया में, जबल अल-द्रूज़ के उत्तर-पूर्व में और दमिश्क से लगभग 95 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित एक बेसाल्टी ज्वालामुखीय क्षेत्र है। लगभग 220 वर्ग किलोमीटर का यह क्षेत्र जल की अत्यधिक कमी वाला है और इसी के नाम पर सफ़ाई लिपि का नाम पड़ा।
भू-दृश्य और भूविज्ञान
इस क्षेत्र में कम से कम 38 सिंडर शंकु हैं और यह क्षारीय हर्रत अल-शाम ज्वालामुखीय क्षेत्र के उत्तरी भाग का अंग है, जो जर्मन विकिपीडिया के अनुसार सीरिया, जॉर्डन, इज़राइल/फ़िलिस्तीन और सऊदी अरब में लगभग 50,000 वर्ग किलोमीटर में फैला है। अरबी विकिपीडिया 16 से 19 किलोमीटर व्यास वाले एक लगभग वृत्ताकार क्षेत्र का वर्णन करता है, जिसकी सीमा उत्तर में सीरियाई मरुस्थल, दक्षिण में हमाद और दक्षिण-पश्चिम में अल-कुरा क्षेत्र से लगती है।
होलोसीन काल में कई ज्वालामुख सक्रिय थे। 19वीं शताब्दी के मध्य में – अरबी विकिपीडिया 1850 बताता है – एक उबलती लावा झील देखी गई थी, और माना जाता है कि केंद्र के विशेष रूप से गहरे क्षेत्र इसी अंतिम सक्रियता को दर्शाते हैं। 2002 में प्रकाशित एक अध्ययन ने तुलूल अल-सफ़ा को दक्षिणी सीरिया, उत्तरी फ़िलिस्तीन और पूर्वी लेबनान के 13 लावा-प्रवाहों में सबसे नवीन बताया। सबसे ऊँचे शंकुओं में तल अल-अक़ज़ास (889 मीटर), तल अद-दर्स (878 मीटर) और जबल रग़ेली (874 मीटर) शामिल हैं।[1][2][3]
इतिहास
1857 में यहाँ एक पहले से अज्ञात लिपि में अभिलेख खोजे गए; इस क्षेत्र के नाम पर इस लिपि को सफ़ाई कहा गया, यद्यपि अब यह अन्यत्र भी प्रमाणित है। अरबी विकिपीडिया 2,000 से अधिक ज्ञात सफ़ाई अभिलेख गिनाता है और कुछ इतिहासकारों का अनुसरण करते हुए उन्हें लख़्मियों के समूहों से जोड़ता है। निकट ही ईसा पूर्व चौथी सहस्राब्दी के स्थल हैं, जिनमें ख़िरबत अल-उम्बाशी और ख़िरबत अल-हब्बारिया शामिल हैं, तथा जबल सीस का स्थल भी है।
द्रूज़ युद्ध के समय इस क्षेत्र का उपयोग शरण-स्थल के रूप में करते थे। गृहयुद्ध के दौरान अल-सफ़ा सुवैदा और रीफ़ दिमश्क़ प्रांतों में आईएसआईएल का अंतिम गढ़ बन गया; सरकारी बलों ने 17 नवंबर 2018 को इस पर नियंत्रण कर लिया।[1][3]
महत्व
यह क्षेत्र पूरी तरह सुवैदा प्रांत में है, जिसकी सीमा इसके किनारे के साथ-साथ चलती है। यहाँ जनसंख्या बहुत विरल है; अंग्रेज़ी विकिपीडिया के अनुसार केवल घुमंतू बद्दू और कभी-कभी पुरातत्वविद ही यहाँ आते हैं। अरबी विकिपीडिया तुलूल अल-सफ़ा को लजात अभयारण्य के प्राकृतिक विस्तार के रूप में एक भू-उद्यान (जियोपार्क) घोषित करने की योजनाओं का उल्लेख करता है।[1][2][3]
समयरेखा
- लगभग 1850
एक उबलती लावा झील देखी गई (अंग्रेज़ी: 19वीं शताब्दी का मध्य, अरबी: 1850)।[1][3]
- 1857
उस लिपि में अभिलेखों की खोज जिसे बाद में सफ़ाई कहा गया।[1]
- 2002
अध्ययन ने तुलूल अल-सफ़ा को 13 क्षेत्रीय लावा-प्रवाहों में सबसे नवीन बताया।[3]
- 17 नवंबर 2018
सरकारी बलों ने 17 नवंबर को सुवैदा में आईएसआईएल के अंतिम गढ़ पर नियंत्रण कर लिया।[1]
चित्र दीर्घा
प्रलेखित स्थिति
वर्तमान स्थिति प्रलेखित नहीं
भ्रमण
यहाँ पहुँचना और ठहरना
रीफ़ दिमश्क़ प्रान्त में प्रलेखित सवारी, ठहराव और परिवहन सेवाएँ:
आसपास की चिकित्सा सेवाएँ
इस स्थल से सीधी दूरी। डेटा: OpenStreetMap, 2026-10-30 तक। संचालन स्थिति सत्यापित नहीं – जाने से पहले फ़ोन करें।
डेटा में 30 किमी के भीतर कोई अस्पताल नहीं।
स्रोत (6)
- Wikipedia (en): Al-Safa (Syria) rev. 1361638526 · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (de): Es-Safa rev. 271101414 · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (ar): تلول الصفا rev. 76481053 · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikidata · CC0 · 2026-10-30
- Wikipedia (es) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
- Wikipedia (fr) · CC BY-SA 4.0 · 2026-10-30
Höhenkonflikt: ar nennt für das Gebiet 979 m, der höchste Kegel in der en-Liste hat 889 m – 979 m nicht übernommen. Lavasee: en „Mitte des 19. Jh.“, ar 1850 (in der Zeitleiste als ca.-Datum). Ausdehnung der Harrat asch-Scham: de/ar ~50.000 km², Länderliste je nach Quelle (en: Syrien–Jordanien–Saudi-Arabien; de: Israel, Syrien, Jordanien, Saudi-Arabien; ar: Saudi-Arabien, Palästina, Jordanien, Syrien) – zusammengefasst. Die Zuschreibung der safaitischen Inschriften an Lachmiden im 6. Jh. v. Chr. (ar, „einige Historiker“) ist fachlich fraglich; nur als zugeschriebene Ansicht ohne Datum übernommen. Relation partOf Q8539961 aus Wikidata P361; Label aus den Texten erschlossen. Geopark-Pläne undatiert.